- Two Sidharth Malhotras In Vvaan? The Actor’s Contrasting Avatars Spark A Bigger Mystery
- Sidharth Malhotra Enters Vvaan, But What Happens To Him Inside The Forbidden Forest?
- Anjana Sukhani Voices Concern Amid the Tragedy of Nepal Flash Floods
- Raksha Bandhan Special: Bollywood Sibling Pairs That Give Major Family Goals
- Vedang Raina-Alia Bhatt to Arjun Rampal-Deepika Padukone: 5 Iconic On-screen Pairings that Exude True Rakshabandhan Feels
सीएस फाउण्डेशन एग्जाम में महिमा संचेती रही आल इंडिया टॉपर
स्नेहा रही दूसरे स्थान पर, टॉप 25 में इंदौर के 15 विद्यार्थी
इंदौर. भारतीय कंपनी सचिव संस्थान के जून 2018 में हुए ऑनलाइन फाउंडेशन एग्जाम के परिणाम आज घोषित किया गया. इंदौर चैप्टर का जून 2018 का परिणाम इस बार 63.36 प्रतिशत रहा जो कि पिछले साल की अपेक्षा बेहतर रहा. इस बार इंदौर से 434 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी जिसमें से 275 विद्यार्थी सफल रहे. इंदौर की महिमा संचेती ने आल इंडिया रैंक में पहला और स्नेहा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया.
आल इंडिया में टॉप 25 रैंक्स में इंदौर चैप्टर से कुल 15 विद्यार्थियों ने अपना स्थान बनाया है. इंदौर चैप्टर के चेयरमैन सीएस अनुराग गंगराड़े ने बताया कि संस्थान द्वारा सीएस फाउंडेशन के परिणाम को बेहतर बनाने के लिए कई प्रयास किये गए हैं, जिनमें लाइब्रेरी, डिजिटल इ-लर्निंग, चैप्टर पर आयोजित क्लासेज आदि का महत्वपूर्ण रोल रहा है. भारतीय कंपनी सचिव संस्थान ने विजऩ 2022 के अनुसार अपने कोर्स को लागु किया है.
सीएस एग्जीक्यूटिव का नया कोर्स 1 मार्च से प्रभावी हो गया है, जो छात्र सीएस एग्जीक्यूटिव में पहले ही प्रवेश ले चुके हे उनके लिए ओल्ड कोर्स में दिसंबर 2019 तक एग्जाम देने की सुविधा रहेगी, छात्र चाहे तो इससे पहले भी नए कोर्स में ट्रांसफर ले सकते है. इंदौर चैप्टर संस्थान का देशभर में श्रेणी का बेस्ट चैप्टर हे जो की हर क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है.
उन्होंने बताया कि फाउंडेशन और सीपीटी पास छात्रों को जून 2019 के एग्जीक्यूटिव कोर्स में शामिल होने के लिए 31 अगस्त तक 2ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. सीएस फाउंडेशन दिसंबर 2018 की परीक्षाओ की तिथि 29 एवं 30 दिसंबर रहेगी जिसके लिए परीक्षा फॉर्म ऑनलाइन 1 सितम्बर से भरे जायेंगे जिसकी अंतिम तिथि 25 सितम्बर रहेगी.
लॉजिक बेस्ड स्टडी की

आल इंडिया रैंक में प्रथम आने वाली महिमा संचेती ने बताया कि मैंने जिस हिसाब से मेहनत की थी उससे मुझे उम्मीद थी कि अच्छी रैंक ही बनेगी लेकिन पहला रैंक आएगा यह सोचा नहीं था. मॉक टेस्ट के कारण मुझमें आत्मविश्वास था. मैंने माड्यूल को प्रिफर किया और कोचिंग के नोट्स तैयार किए. लॉजिक बेस्ड स्टडी की. रटने से कुछ नहीं होना था इसलिए लॉजिक पर पूरा फोकस किया. इसके साथ ही बी.कॉम. की पढ़ाई भी केवल एक ही दिन ध्यान दिया. मैं सीएस के साथ यूपीएसपी भी करना चाहती हूं.
पढ़ाई पर रखा फोकस

ऑल इंडिया रैंक में दूसरा स्थान बनाने वाली स्नेहा जैन ने बताया कि मुझे टॉप 10 में भी रैंक आने की उम्मीद नहीं थी. मैंने केवल अपनी पढ़ाई पर फोकस किया. हालांकि इसके मैं अपनी हॉबी स्केचिंग और अन्य काम पर भी ध्यान देती थी. सफलता का यही कारण रहा कि टीचर ने जो पढ़ाया उसे रिवाइज किया और सेल्फ स्टडी भी की. मेरा मानना है कि डेली स्टडी करो और सकारात्मक रहकर खुद पर विश्वास करो तो सफलता निश्चित मिलती है. मैं सीए के अलावा सायकोलॉजी पढऩा चाहती हूं क्योंकि मुझे ह्यूमन बिहेवियर पढऩा अच्छा लगता है.
हार्ड वर्क से मिलती है सफलता
ऑल इंडिया में छटी रैंक हासिल करने वाली विशा जैन ने बताया कि मैंन पढ़ाई तो रैंक लाने के हिसाब से ही की थी. लेकिन छटी रैंक तक का नहीं सोचा था. रिजल्ट के लिए मैंने रेग्युलर पढ़ाई की. अकाउंट्स पर फोकस किया. मेरा पूरा ध्यान ही सीएस की पढ़ाई पर था. इसके लिए मैंने अपनी दूसरी पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया. मेरा मानना है कि हार्ड वर्क तो सफलता निश्चित ही मिलती है. दिल से मेहनत करो तो भाग्य भी साथ देता है. मैं भविष्य में सीएस ही बनना चाहती हूं.


